आइए जानते है हमारी राष्ट्रीय भाषा हिंदी के बारे में कुछ रोचक बातें

तो हेलो दोस्तों कैसे हैं आप लोग दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं अपनी राष्ट्रीय भाषा के बारे में। दोस्तों भारत के संविधान में राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी को स्वीकार किया गया है। दोस्तो हमारे भारत देश में हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा कहलाती है जिसकी लिपि देवनागरी है हिंदी को यह गौरव हिंदी भाषाओं की संख्या अधिक होने के कारण प्राप्त हुआ साथ ही है बोलने व सीखने में भी अन्य अनेक भारतीय भाषाओं की अपेक्षा सरल है। इसका उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 343 में किया गया हैदोस्तों सबसे पहले स्वामी दयानंद सरस्वती ने भविष्य में भारत को राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी की कल्पना की उनके पश्चात महात्मा गांधी ने भी हिंदी में ही समस्त आंदोलन का सूत्र पात्र किया लगभग 1000 वर्षों में हिंदी भारत की संस्कृति कहलाने लगी थी। हिंदी भाषा का सहित अब अन्य भाषाओं की अपेक्षा कहीं अधिक संपन्न है दोस्तों दादू कबीर नानक शोर तुलसी व जायसी जैसे कथा मनुष्य को अमृतवाणी ने संस्कृत हलाहल को आत्मा साथ करने का भी सराहनीय कार्य इसी भाषा के माध्यम से मिला है।

दोस्तों हिंदी भाषा हमारे देश की सबसे लोकप्रिय भाषा है और दोस्तों हम भारत में हर जगह सिर्फ हिंदी भाषा ही सुनेंगे दोस्तों हिंदी भाषा हमारी राष्ट्रभाषा है जिसकी हमें चाहिए। हमें अपनी हिंदी भाषा की इज्जत करनी चाहिए साथ ही अपनी भाषा को बढ़ावा देना चाहिए तो कई लोग ऐसे होते हैं जो कि भारत में रहते हैं और सिर्फ अंग्रेजी भाषा का ही प्रयोग करते हैं। जो कि बहुत ही गलत बात है। दोस्तों विदेशी लोग अपनी भाषा से बहुत प्रेम करते हैं और वह जब तुम बाहर जाते हैं तो भी अपनी ही भाषा बोलते हैं लेकिन इंडियंस पता नहीं क्यों अपने देश में भी अपनी भाषा को बोलने में शर्माते हैं और वह हिंदी भाषा पर ज्यादा ध्यान देते हैं दोस्तों राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी के समक्ष अनेक कठिनाइयां आती रही हैं जिनके कारण हिंदी को राष्ट्रभाषा का वास्तविक गौरव अभी तक प्राप्त नहीं हो सका है। अंग्रेजी आज भी केंद्र सरकार में उच्चतम न्यायालय कामकाज की भाषा बनी है दोस्तों आप देखेंगे कि इंग्लिश का प्रयोग होता है ऐसे लोग हैं जो कि हिंदी को अपनी अब तो हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने का प्रयास किया जाने लगा है अनेक विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन विश्व में विभिन्न क्षेत्रों में किया जा चुका है। जबकि दोस्तों बहुत ही ज्यादा अच्छी बात है भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने पहली बार राष्ट्रीय संसद में अपनी ओजस्वी वाणी में हिंदी में भाषण देकर भारत का राष्ट्रपति गोरखपुर या था ज्योति बहुत अच्छी बात है।

दोस्तों जितने ज्यादा हम अपनी भाषा से प्रेम करेंगे उतना ही हम अपने देश से भी प्रेम करते हैं इसका मतलब यह है इसलिए दोस्तों मेरी आपसे गुजारिश है कि आप हर समय भारत में हिंदी भाषा का ही प्रयोग करें भरे दुख से जवाब बाहर जाते हैं तो आप अंग्रेजी बोलते हैं लेकिन दोस्तो जब तक आप भारत में है। आपको हिंदी भाषा का ही प्रयोग करना चाहिए दोस्तों हिंदी भाषा एक बहुत ही अच्छी भाषा है जिससे आप बहुत सारा ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं और अपनी नॉलेज को भी बढ़ा सकते हैं दोस्तों हमको हिंदी भाषा से ही प्रेम करना चाहिए और कहीं पर भी हिंदी बोलने में शर्माना नहीं चाहिए दोस्तों मैंने देखा है। बहुत से लोग हिंदी बोलने में शर्माते हैं। अपने देश में हो अंग्रेजों के सामने हिंदी बोलने में शर्माते हैं जो कि बहुत गलत बात है वह आप की राष्ट्रभाषा है और आपको उसकी सम्मान देना चाहिए तो दोस्तों हमें संकल्प लेते हैं कि हम अपनी राष्ट्रीय भाषा को बोलने में कभी नहीं कराएंगे और खुलकर अपनी राष्ट्रभाषा का प्रयोग करेंगे क्योंकि दोस्तों हिंदी ही हमारी राष्ट्रीय भाषा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *