राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातें

तो हेलो दोस्तों कैसे हैं आप लोग दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं महात्मा गांधी जी के बारे में। दोस्तों बीसवीं शताब्दी को जिस अनोखे महापुरुष ने सबसे अधिक प्रभावित किया वह थे। महात्मा गांधी दोस्तों भले ही आज धरती पर नहीं है किंतु सत्य अहिंसा और प्रेम के सिद्धांतों पर आधारित उनका संदेश आज भारत की सीमाओं से निकलकर सारे संसार को जीवित कर रहा है। दोस्तों अहिंसा के पुजारी और करुणा के अवतार महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 2016 को गुजरात प्रदेश के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था पिता का नाम करमचंद गांधी था और माता का नाम पुतलीबाई था। गांधी जी की माता धनिष्ठा और साधु स्वभाव की महिला थी। माता की आवश्यकता और सत्यता की गहराई छाप गांधीजी को प्रेरणा दिया करती थी।

दोस्तों गांधीजी ने अपनी शिक्षा राजकोट मैं करी जहां पर उनके पिता दीवान थे दोस्त गांधी जी अपने बचपन से ही सत्य और अहिंसा के पुजारी थे वह पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते थे। उनका ध्यान खेलकूद में ज्यादा रहता था। दोस्तों 13 वर्ष की आयु में गांधी जी का विवाह कस्तूरबा के साथ हो गया था। इसी वर्ष उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की और कानून की शिक्षा ग्रहण करते हुए इंग्लैंड चले गए भारत लौटने पर उन्होंने अपनी वकालत आरंभ की और एक मुकदमे के संबंध में दक्षिण अफ्रीका गए। दोस्तों गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में जाकर बहुत तरह के काम किए और गांधीजी दक्षिण अफ्रीका में काफी लोकप्रिय हो गए थे दक्षिण अफ्रीका वालों ने गांधी जी का स्वागत किया और गांधीजी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानी बन गए। दोस्तों गांधीजी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए देशव्यापी आंदोलन छेड़ दिया उन्होंने चरखे को स्वतंत्र का प्रतीक बनाया और अहिंसा को इस आंदोलन का अस्त्र दोस्तों गांधी जी ने बहुत सारे ऐसे काम किए जो कि कोई और नहीं कर सकता था। उनका कहना यह था कि अहिंसा से ही हम अपने देश को अंग्रेजों से वापस ला सकते हैं गांधीजी ने यही किया गांधीजी ने हिंसा न करते हुए अहिंसा के मार्ग पर चलें और अपने भारत देश को अंग्रेजों से आजाद करवाया।

दोस्तों गांधी जी ने हमारे देश को आजाद करने के लिए कई तरह के आंदोलन भी किएजिससे वह अलग-अलग जगह पर जाते थे और आंदोलन प्रस्तुत करते थे। जिससे वहां की गवर्नमेंट को उनकी बात माननी पड़ती थी नहीं तो वह कई कई दिनों तक कुछ नहीं खाते थे। गांधी जी को ईश्वर में अटूट विश्वास था सत्य को उन्होंने ईश्वर का ही दूसरा नाम बताया था। धर्म को उन्होंने सदाचार का नाम लिया और धर्मों से संभव पैदा करने के लिए सत्याग्रह का सहारा लिया। दोस्तों गांधीजी एक बहुत ही महापुरुष आदमी थे आप सभी उनके बारे में अच्छे से जानते होंगे और जानना भी चाहिए क्योंकि महात्मा गांधी यही इतने अच्छे इंसान दोस्तों हमारे देश के नोटों पर भी उनकी तस्वीर आती है जो की बहुत बड़ी बात है। अपने आप में गांधीजी ने भारत देश के लिए इतना कुछ किया है तो यह तो होना ही था।

दोस्तों जब गांधीजी साउथ अफ्रीका में गए थे तो वहां कि भारतीय राजनीति उनका स्वागत करने के लिए तैयार खड़ी थी इससे हम समझ सकते हैं कि सिर्फ भारत में ही नहीं और भी जगह पर गांधीजी की कितनी इज्जत थी। दोस्तों गांधीजी ने भारत की सुरेंद्र के लिए देशव्यापी आंदोलन छेड़ दिया उन्होंने चरके को शुद्धता का प्रतीक बताया और अहिंसा को इस आंदोलन का अस्त्र स्वतंत्रता आंदोलन के कर्मठ सिपाही को अनेक बार जेल यात्रा करनी पड़ी। दोस्तों गांधीजी को कई बार जेल भी जाना पड़ा लेकिन उनका विश्वास था और उन्होंने अपनी इसी जज्बे को लेकर भारत को आजाद करवाया।

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